“हम दोनों मिलकर तीन सौ से अधिक सीटें जीतकर उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएंगे” गठबंधन की सरकार पर पूरा भरोसा बोले राहुल और अखिलेश

लखनऊ (जेएनएन)। उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी से गठबंधन के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अखिलेश यादव पर पूरा भरोसा जताया। लखनऊ में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव के साथ ही राहुल गांधी ने इस बार प्रदेश में समाजवादी पार्टी-कांग्रेस की सरकार बनाने का भरोसा जताया। हम दोनों मिलकर तीन सौ से अधिक सीटें जीतकर उत्तर प्रदेश में सरकार बनाएंगे।

यूपी विधानसभा चुनावों को लेकर गठबंधन करने वाली समाजवादी पार्टी व कांग्रेस ने चुनाव प्रचार का शंखनाद कर दिया है। लखनऊ में ताज होटल में आयोजित संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने माना की उत्तर प्रदेश में अगली सरकार उनके गठबंधन की ही बनेगी। दोनों नेता ने भरोसा जताया कि तीन सौ से अधिक सीट जीतकर हम सरकार बनाकर भाजपा को बाहर करेंगे।

राहुल ने कहा कि मोदी जी के शब्दों में यह गठबंधन ट्रिपल पी यानी प्रोग्रेस, प्रॉस्पेरिटी व पीपुल्स है। इसके साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि राहुल और हम विकास, खुशहाली के पहिए हैं, मिलकर प्रदेश को आगे बढ़ाएंगे। राहुल गांधी ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस की शुरुआत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पहला शब्द उत्तर है। हमारा यह गठबंधन एक जवाब है। इतिहास में यूपी ने दुनिया को जवाब दिया है। 1857 में कंपनी राज था, यूपी की प्रोग्रेसिव सोच मिलीं और कंपनी राज का मिलकर जवाब दिया।

राहुल गांधी ने कहा कि हम गुस्से की राजनीति, बांटने की राजनीति और कंपनी को हिन्दुस्तान का धन देने की राजनीति का जवाब दे रहे हैं. एक प्रकार से गंगा और यमुना का मिलन हो रहा है। राहुल ने कहा कि मोदी जी के शब्दों में ट्रिपल पी है, प्रोग्रेस, प्रॉस्पेरिटी और पीपुल्स। राहुल ने कहा कि मेरी अखिलेश के साथ जो व्यक्तिगत संबंध हैं, वह राजनीतिक तौर पर भी हो गया है।

अखिलेश यादव ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल जी का मैं स्वागत भी करता हूं। जहां से उन्होंने बात छोड़ी मैं वहीं से शुरू करता हूं। हम लोकसभा में साथ रहे। कई बार साथ काम करने का मौका मिला। हम एक दूसरे को जानते हैं, बड़ी बात यह है कि हमें अब साथ काम करने का मौका मिला है। आबादी के लिहाज से यूपी एक बड़ा प्रदेश है, देश को राह दिखाता है। मैं भरोसा दिला सकता हूं कि जिस रफ्तार से यूपी में काम हुआ है, कांग्रेस के आ जाने से और भी तेजी से काम होगा। प्रियंका के प्रचार में आने के सवाल पर राहुल ने कहा कि वह मेरी बहन हैं, मुझे पूरा सहयोग करती हैं। प्रचार में आने नहीं आने का फैसला वह खुद करेंगीं। उनके ऊपर इस बात का कोई दबाव नहीं डाला जाएगा।

अखिलेश ने कहा कि किसी को शक नहीं है कि हम 300 से ज्यादा सीटें जीतेंगे। हम दोनों विकास, खुशहाली के पहिए हैं, प्रदेश को मिलकर आगे बढ़ाएंगे। हम बांटने तथा दूर रखने की राजनीति नहीरं करते हैं। अखिलेश ने कहा कि चुनाव में कम समय है। यह पहली है, जब यूपी में लोगों ने मन में सरकार ही बना ली है। उन्हें जवाब मिलेगा, जिन्होंने लोगो को लाइन में खड़ा कर दिया। अब लोग लाइन में लगकर नोटबंदी का जवाब देंगे।

’27 साल यूपी बेहाल’ के स्लोगन पर राहुल गांधी ने कहा कि मैंने एक कार्यक्रम में यह बात कही थी कि अखिलेश अच्छा लड़का है उसे काम नहीं करना दिया जा रहा है। हम क्रोध और गुस्से की राजनीति को रोकना चाहते है इसलिए गठबंधन किया है। अखिलेश और मेरा रिश्ता है, दोस्ती है एक ये अलग बात है। हम यूपी के युवाओं को नई तरीके की राजनीति देना चाहते हैं। सपा व कांग्रेस में कई एक तरह की बातें हैं, इस पर हम चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों पार्टियों को इसमें आगे बढऩा होगा।

राहुल गांधी ने कैंपेन की रणनीति बताने से इन्कार कर दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सोच है कि गंगा और यमुना की धारा को एक साथ लाया जाए. सभी एक विचारधारा के लोग एक साथ आएं। लोग बताएं कि उत्तर प्रदेश के डीएनए में क्रोध नहीं है। इस गठबंधन को 2019 तक ले जाने के सवाल पर राहुल ने कहा कि हमारा गठबंधन यूपी में साम्प्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए किया गया है। अब लेाकसभा चुनाव में गठबंधन होगा या नहीं इस पर चर्चा के रास्ते खुले हैं।

कैराना मामले में भाजपा के टास्क फोर्स बनाने की बात पर अखिलेश यादव ने कहा कि टास्क फोर्स उन्हीं को पकड़ेगी। भाजपा के भ्रष्टाचारी व और गुंडागर्दी करने वाले एक साथ आए हैं के सवाल पर राहुल ने कहा कि भ्रष्टाचारी तो वो हैं। सपा के पांच साल और मनमोहन सिंह सरकार को रेटिंग देंगे के सवाल पर दोनों ही नेता गोलमोल उत्तर देकर आगे बढ़ गए। 1996 में नरसिम्हा राव ने बीएसपी के साथ समझौता किया था, 21 साल बाद कांग्रेस सपा के साथ गठबंधन कर रही है। इस पर राहुली गांधी ने कहा कि इतिहास बदलता रहता है। यह कहना कि उस समय गठबंधन गलत था तो इस समय भी गठबंधन गलत है, ये कहना ठीक नहीं है। उस समय गठबंधन गलता था, इस समय ठीक है. देश के लिए, कांग्रेस के लिए और सपा के लिए भी। राहुल ने कहा कि रायबरेली, अमेठी की सीटों पर कांग्रेस कितनी सीटों पर लड़ेगी यह मुद्दा नहीं है। अभी तो मुद्दा है भाजपा की झूठ की राजनीति के साथ नोटबंदी की राजनीति का खत्म करना।

राहुल गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी तथा कांग्रेस गठबंधन के दो पहिये हैं। हमने देश तथा प्रदेश के विकास की गति को तेज करने के लिए गठबंधन किया है। इस राजनीति से देश को नुकसान हो रहा है, इसलिए हमनें गठबंधन किया है। राहुल गांधी ने कहा कि अखिलेश अच्छा लड़का है। मैंने अखिलेश के बारे में कहा था कि अखिलेश अच्छा लड़का है मगर उसको काम करने नहीं दिया जा रहा है। राहुल ने कहा कि अखिलेश यादव से मेरा व्यक्तिगत रिश्ता है। इस गठबंधन से यूपी की जनता को शक्ति मिलेगी और यूपी आगे बढ़ेगा।अखिलेश यादव ने भरोसा जताया कि उत्तर प्रेदश में सपा-कांग्रेस का ह गठबंधन सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा कि आज शुरुआत है और इसको आगे बढ़ाने का काम करेंगे। नोटबंदी के बाद जनता दुखी है और भाजपा को इसका तगड़ा जवाब मिलेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राहुल और हम देश को आगे ले जाने का काम करेंगे। हम इससे पहले भी लोकसभा में राहुल गांधी के साथ रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन्होंने लोगों को लाइन में खड़ा किया, जनता को परेशान किया, सब दुखी हैं।

गठबंधन पर अखिलेश ने कहा कि आज शुरुआत है और इसको आगे बढ़ाने का काम करेंगे। दोनों दल मिलकर यूपी में विकास का काम करेंगे। साइकिल के दो पहिये के रूप में हम और राहुल इसे तेजी से आगे बढ़ाएंगे। कांग्रेस और सपा के साथ आने पर काम तेजी से होगा, लोगों के बीच भरोसा पैदा होगा। दोनों दल मिलकर यूपी में विकास का काम करेंगे। कांग्रेस और सपा के साथ आने पर काम तेजी से होगा, लोगों के बीच भरोसा पैदा होगा। अखिलेश ने कहा कि अधिकांश लोग लोग चाहते हैं कि यह गठबंधन सफल हो। इसी राज्य ने देश को कई प्रधानमंत्री दिए हैं। उत्तर प्रदेश बड़ा प्रदेश है। इसका समुचित विकास बेहद जरूरी है। इससे पहले मंच पर दोनों नेता एक दूसरे से गले मिले।

मायावती के साथ कांग्रेस के सबंध में पूछे गए सवाल पर राहुल ने कहा कि मायावती और आरएसएस की तुलना नहीं की जा सकती। मायावती की मैं व्यक्तिगत तौर पर सम्मान करता हूं। कांशीराम का भी वैसे ही सम्मान करता हूं। मायावती और भाजपा में अंतर है। भाजपा देश में भय तथा क्रोध का वातावरण पैदा करती है। एक दूसरे से सभी को लड़ाती है, उसकी विचारधारा से देश को खतरा है। इसके इतर मायावती की विचारधारा से देश को खतरा नहीं है। सभी धर्मों को एक साथ आना होगा। उधर अखिलेश यादव ने गठबंधन में मायावती को शामिल करने के बारे में कहा कि हाथी हाथी बहुत जगह लेता है और उनको कितनी जगह देते हम लोग। राहुल गांधी जहां सीधे एयरपोर्ट से होटल पहुंचे। वहीं अखिलेश यादव मुख्यमंत्री आवास से पहुंचे. प्रेस कांफ्रेंस से पहले गठबंधन का नया स्लोगन ‘यूपी को ये साथ पसंद है’ जारी किया गया, ये स्लोगन ‘बेबी को बेस पसंद है’ गाने की तर्ज पर बनाया गया है।

 

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