स्वामी सानंद की तपस्या को लोगों ने दिया सम्मान, मोमबत्ती लेकर मंदिर में बहाए आंसू

रिपोर्ट- रवि पांडे

सोनभद्र। गंगा निर्मल गंगा का नारा बुलंद करने वाले प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद 112 दिन से अनशन पर बैठे थे जिनकी ऋषिकेश के एम्स में निधन की सूचना पर समूचा सोनभद्र रो पड़ा क्योंकि स्वामी सानन्द का जिले से पुराना जुड़ाव रहा है। मां गंगा को अविरल बनाने के लिए शरीर त्यागने वाले निर्मल स्वरूप स्वामी जी को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों ने अनोखा तरीका और माँ काली के मंदिर में आरती के दौरान मां गंगा के भक्तों ने मोमबत्ती लेकर श्रद्धांजलि दिया। इस दौरान लोगो के कहना था कि स्वामी जी के निधन से उन्हें बहुत दुःख पहुचा है जिसके लिए हम सभी लोगो ने एक सच्ची श्रद्धांजलि दिया है।

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सोनभद्र से  प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानन्द का जुड़ाव वनवासी सेवा आश्रम से क्यों वर्ष पहले रिहन्द बांध के निर्माण के समय से रहा। जिसके कारण वह कई बार यहां के पर्यावरण प्रदूषण को लेकर आंदोलन भी किया। जिसके कारण उनका आदिवासियों से विशेष लगाव हो गया था। यही कारण रहा कि उत्तराखण्ड के हरिद्वार में स्थित मातृ सदन में 22 जून 2018 से अनशन पर बैठे स्वामी सानन्द को सोनभद्र का समर्थन मिलता रहा और इसके लिए लोगों ने कई बार यहां जुलूस प्रदर्शन आदि किया। सोनभद्र में  गुरुवार को उनके निधन की सूचना पर वनवासी सेवा आश्रम से  लगायत पूरा जिला रो पड़ा।

मां गंगा के भक्तों ने स्वामी जी को सच्ची श्रद्धांजलि देने के लिए मां काली का मंदिर चुना और आरती करके उनको श्रद्धांजलि दिया। इस दौरान लोगों ने कहा कि उनको जब स्वामी जी के निधन की जानकारी हुई तो बहुत दुःख हुआ जिनको आज हम लोगो ने श्रद्धांजलि दिया।

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वहीं मन्दिर के पुजारी ने कहा कि स्वामी सानन्द मां गंगा के भक्त थे जो उनकी अविरलता के लिए अनशन किया और शरीर को त्याग दिया जिनको आरती के बाद श्रद्धाजंलि दिया गया है।

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