रूपया पहचान रहा अपनी असल कीमत, नीति आयोग ने पेश किया ये तथ्य

नई दिल्ली। रुपये के भाव लगातार गिरने के नया रिकार्ड बनने के बाद गुरुवार को नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि भारतीय मुद्रा का अधिमूल्यन हो गया है और यह अपने वास्तविक मूल्य की ओर बढ़ रही है।

उपाध्यक्ष राजीव कुमार

उन्होंने कहा कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान नहीं पहुंचाएगी। कुमार ने ट्वीट किया, “इसे स्पष्ट करता हूं, अमेरिकी डॉलर के प्रति भारतीय रुपये की कीमत गिरना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बुरा संकेत नहीं है।

पिछले तीन सालों में रुपये की कीमत लगभग 17 फीसदी बढ़ गई थी और जनवरी के बाद से अब तक इसका 9.8 फीसदी का अवमूल्यन हो चुका है और यह अपनी वास्तविक कीमत की ओर बढ़ रही है

सुबह के सत्र के दौरान भारतीय रुपया रिकार्ड 70.32 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पहले मंगलवार सुबह रुपये का स्तर रिकार्ड 70.08 रुपये प्रति डॉलर हो गया था।

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कुमार ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि अब हमारा लक्ष्य निर्यात बढ़ने और व्यापार घाटा कम होने के संदर्भ में रुपये की कीमत कम होने का फायदा उठाने पर है।

रुपये की कीमत कम होने की बातों का सामना करते हुए कुमार पिछली सरकारों के समय में हुए सीधे अवमूल्यन के मामलों की याद दिलाई।

कुमार ने अपने ट्वीट में कहा कि दो मई 2014 से 14 अगस्त 2018 में रुपये के 15.8 फीसदी अवमूल्यन की अपेक्षा दो अप्रैल 2009 से 30 अप्रैल 2014 तक रुपये का 19.96 फीसदी अवमूल्यन हुआ।

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