मोदी से गुफ्तगू के बाद बदले नीतीश के सुर, गुजरात में नहीं करेंगे रैली

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी के बीच दूरियां दिन प्रतिदिन कम होती नजर आ रही है। एक-एक कर दोनों के बीच ऐसी राजनीतिक घटनाक्रम सामने आ रही है, जिसे सियासी गलियारे में चर्चा होना लाजिमी है। नोटबंदी पर नीतीश का समर्थन और प्रकाश पर्व के दौरान पीएम मोदी का बिहार में शराबबंदी का समर्थन इसी ओर संकेत दे रहे हैं। अब खबर आ रही है कि नीतीश कुमार ने पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल की रैली में जाने से मना कर दिया है। गुजरात में पटेल की 28 जनवरी को रैली है, जिसमें नीतीश शामिल होने वाले थे।
 
पिछले दिनों हार्दिक पटेल इस रैली में न्यौता देने के लिए नीतीश से पटना में मुलाकात की थी और बकायदा उन्हें आमंत्रण भी दिया था। नीतीश ने हार्दिक का गर्मजोशी से स्वागत किया था और वादा किया था वो उस रैली में शामिल होंगे। इतना ही नहीं दोनों के बीच करीब दो घंटे की मुलाकात चली थी और एक नारा तय किया गया था-मोदी हराओ देश बचाओ।

अब नीतीश की पार्टी जेडीयू का कहना है कि पांच राज्यों में चुनाव की तारीखें एलान होने के बाद नीतीश उस रैली में शामिल नहीं हो सकते। जेडीयू ने कहा है कि नीतीश ने इसके पीछे वजह बताई है कि चूंकि पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश समेत कुछ अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए वह हार्दिक की रैली में नहीं जा पाएंगे।

जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा, हमने हार्दिक को बताया कि नीतीश कुमार अभी चुनावों को लेकर व्यस्त हैं और रैली 11 मार्च के बाद कभी भी आयोजित की जा सकती है। त्यागी ने बताया कि उनकी पार्टी पंजाब और यूपी में कुछ सीटों पर चुनाव लड़ रही है, इसलिए नीतीश कुमार को वहां चुनाव प्रचार के लिए दौरे करने होंगे।

पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना में प्रकाश पर्व के दौरान नीतीश कुमार की जमकर प्रशंसा की थी। इतना ही नहीं, नीतीश ने भी मोदी की तारीफ की थी। पीएम की तारीफ के बाद बिहार बीजेपी का रुख शराबबंदी पर बदल गया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नित्यानंद राय ने 21 जनवरी को प्रस्तावित मानव श्रृंखला में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता को शामिल होने का एलान कर दिया। 

उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार ने पिछले महीने पूरे राज्य में 21 जनवरी को 5000 किमी में शराबमुक्त बिहार के समर्थन में इस मानव श्रृंखला की घोषणा की थी। लेकिन अब राज्य सरकार का अनुमान है कि एक किलोमीटर में 2000 से ज्यादा आदमी खड़े नहीं रह सकते, इसलिए अब ये मानव श्रृंखला करीब 11 हजार किमी से अधिक में फैली होगी।

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