पचौरी की बढीं मुश्किलें, कोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोप तय करने के दिए आदेश

नई दिल्ली। यहां की एक अदालत ने शुक्रवार को प्रसिद्ध पर्यावरणविद् आर.के.पचौरी के खिलाफ यौन शोषण के आरोप तय करने के आदेश दिए। पचौरी पर अपनी सहकर्मी के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप है।

आर.के.पचौरी

महानगर दंडाधिकारी चारु गुप्ता ने औपचारिक रूप से आरोप तय करने के लिए 20 अक्टूबर की तिथि तय की। ये आरोप भारतीय दंड संहिता की धारा 354(उत्पीड़न अथवा महिला की गरिमा का उल्लंघन करना), धारा 354ए(गलत तरीके से छूना) और धारा509(शब्द, भाव या कार्य से महिला की गरिमा को अपमानित करने) के तहत हैं।

अदालत ने हालांकि पूर्व टेरी प्रमुख को धारा 354बी, धारा 354डी और धारा 341 के तहत आरोपों से बरी कर दिया।

दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ महिला के खिलाफ आपराधिक बल का प्रयोग करने, पीछा करने(स्टॉकिंग) व अन्य मामले दर्ज किए थे।

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पचौरी पर उनकी सहकर्मी ने 2015 में उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। आरोप के बाद उन्होंने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र अंतर सरकारी समिति से फरवरी 2015 में इस्तीफा दे दिया था और टेरी ने उन्हें छुट्टी पर भेज दिया था, जहां वह महानिदेशक थे। बाद में उन्होंने टेरी में भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

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पचौरी ने हालांकि इन आरोपों का खंडन किया है।

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