दूसरों की सुरक्षा का दावा करने वाली पुलिस के परिवार पर मंडरा रहा मौत का साया, जानें क्या है पूरा मामला

रिपोर्ट- उमेश मिश्रा

लखनऊ। टूटी और टपकती छतें-चारों ओर दिवार से टूटे प्लास्टर। सबकी सुरक्षा का दावा करने वाले खुद असुरक्षित हैं। यूपी पुलिस आपकी सेवा में सदैव तत्पर के वाक्य के साथ जनता के समस्यायों के लिए जीती और जागती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इन पुलिसकर्मियों के परिवार भी होते हैं। जो सरकारी आवासों में किस तरह खौफ के साये में जीने को मजबूर रहते हैं। इसी पर पेश हैं हमारी ये खास रिपोर्ट।

लखनऊ पुलिस

लखनऊ के पुलिस लाइन आवास परिसर के रिहाइशी ईमारत और जर्जर भवन में रहने वाले पुलिस कर्मियों का परिवार हर पल खतरे में है। जिससे परिवार के लोग दहशत में हैं।

दिन रात ड्यूटी करते हुए आम जनता व उनके परिवार की सुरक्षा का भरोसा दिलाने वाले पुलिसकर्मियों का परिवार खुद कितना सुरक्षित है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस लाइन आवास परिसर में  बहुत जर्जर अवस्था में हैं।

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ऐसे दर्जनों मकान हैं। जो कभी भी जमींदोज़ हो सकते हैं। पुलिस लाइन परिसर में रहने वाले पुलिसकर्मियों का परिवार इस समय दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।

पुलिस लाइन परिसर में स्थित 60 प्रतिशत आवास जर्जर हो चुके हैं। और उन्हें तोड़कर नया भवन बनाने की आवश्यकता है। पुलिसकर्मियों का परिवार सरकारी आवास में नहीं रहना चाहता। लेकिन शहर में ज्यादा महंगे मकान होने के कारण जर्जर व खस्ताहाल मकानों में रहना मजबूरी बन गई है।

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पुलिस कर्मियों के परिवार के सदस्यों ने बताया कि जर्जर भवन से मलबा गिरता है। बारिश में छत से पानी टपकना आम बात हो गई है। छज्जा गिरने की आशंका भी बनी रहती है। आवास के पीछे घनी झाड़ी उग जाने से रात में कीड़े-मकोड़े घर में घुस जाते हैं। डर के मारे कोई छत पर नहीं सोता है।

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