चाणक्य नीति

एक व्यक्ति को चारो वेद और सभी धर्मं शास्त्रों का ज्ञान है। लेकिन उसे यदि अपने आत्मा की अनुभूति नहीं हुई तो वह उसी चमचे के समान है जिसने अनेक पकवानों को हिलाया लेकिन किसी का स्वाद नहीं चखा।

चाणक्य नीति

loading...