अंतरिक्ष में भारत की दादागिरी को चैलेंज, चीन के साथ उतरा अमेरिका का जिगरी यार

अर्न्‍तराष्‍ट्रीय मंच पर भारत के बढ़ते प्रभाव से अब दुनिया के अगुवा रहे देश भी विचलित होने लगे हैं। हाल ही में अग्नि 5 के सफल परीक्षण से चीन की नाराजगी समाप्‍त भी नही हुई थी कि भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम ब्रिटेन को अब खलने लगे। इसी से बौखलाए ब्रिटेन की एक खास रणनीति के तहत वहां के सांसदों और इंग्लिश मीडिया ने भारत के खिलाफ प्रचार करना शुरू कर दिया है।

वहां के अंग्रेजी समाचार पत्र डेलीमेल ने बहुत तल्ख लहजे में लिखा है कि ब्रिटेन भारत को जो आर्थिक मदद दे रहा है, उससे वह अपना अंतरिक्ष कार्यक्रम चला रहा है। यही नहीं, भारत अतरिक्ष कार्यक्रमों के जरिए दुनिया के अन्य देशों से एक बड़ी रकम कमा रहा है।

खबर है कि भारत ने अगले महीने रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में एक साथ 103 उपग्रहों को छोड़ने का कार्यक्रम तय किया है। अगर भारत ऐसा करने में सफल होता है तो वह एकसाथ सबसे ज्यादा उपग्रह अंतरिक्ष की कक्षाओं में स्थापित करने वाला पहला देश बन जाएगा। वह रूस को भी पीछे छोड़ देगा, जिसके नाम एकसाथ 39 उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने की उपलब्धि है।

 

इस खबर के बाद से ही ब्रिटेन में बाकायदा भारत के खिलाफ एक खास प्रचार अभियान चलाया जा रहा कि उनकी दी हुई रकम पर भारत अंतरिक्ष प्रोग्राम चला रहा है। खबर के मुताबिक 2015 में ब्रिटेन ने भारत को 185 मिलियन पाउंड यानी तकरीबन 15 अरब 46 करोड़ 29 लाख 77 हजार 784 रुपयों की आर्थिक मदद दी थी।

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